●मेरे पापा का जब बर्थ हुआ मेरे पापा बहुत हेल्दी थे। बचपन से उनको खाने पीने का शौक था और बॉडी बिल्डिंग का शौक भी था। वह बॉयलर अपने पॉकेट में छुपा कर रखते थे। इट वास् फनी फिर भी वह गैरेज में ज्वाइन हुए और काम सीखना उनको पसंद आया और बहुत। ● पर बहुत मेहनत करके वह मास्टर बन गए। फिर 16 साल की उम्र में गुजरात आ गए और अपनी बहन के साथ गैरेज ओपन किया। सींस 1987 में हमारे पास 10 ट्रक थे। मगर मेरी आंटी जेलस फील करती थी। ●मगर मेरी आंटी के हस्बैंड बहुत अच्छे इंसान थे। उनका दिल साफ था। मेरे पापा ने जो बहुत मेहनत कर के बिजनेस को टॉप पर ले गए, जो भी प्रॉफिट होता, वही क्वालिटी वाइट करके पापा अपनी बहन यानी कि मेरी बुआ को ईमानदारी से प्रॉफिट देते। मेरी आंटी के बच्चों को पढ़ाया। गैरेज में काम सिखाया उनकी शादी की। ●उनकी शादी की उनका नया घर बना कर दिया। फिर भी मेरी आंटी ज्वैलर्स थी। पता नहीं उनके दिमाग में क्या गलत चल रहा था इसका नतीजा हमको 1 दिन बहुत बुरा बुरा dekhna pads. ●मेरे पिता कुछ भी लाते हैं, चाहे वह खाने, पीने या खरीदारी या घर के बाहर हो। पहले अपनी बहन यानि मेरी चाची को दे दो और फि...
I'm a small employee.. my daily life is very difficult I share my life on this platform